प्रतिमा पर माल्यार्पण ही नहीं सावरकर के विचारों को अपनाना है सच्ची श्रद्धांजलि,युवाओं से राष्ट्रभक्ति व त्याग से प्रेरणा लेने का आह्वान

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) क्रांतिकारी और प्रखर विचारक स्वातंत्र्य वीर सावरकर की जयंती पर गुरुवार को महाराष्ट्र समाज द्वारा मुनिनगर दो तालाब स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने युवाओं से सावरकर के जीवन चरित्र और उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मराठी विभाग के सहायक प्राध्यापक श्रेयस कवड़े ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि किसी भी महापुरुष को श्रद्धांजलि केवल उनकी प्रतिमा या चित्र पर माल्यार्पण करने मात्र से नहीं दी जा सकती। इसके लिए उनके विचारों और सिद्धांतों को अपने आचरण व जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने वीर सावरकर के राष्ट्रभक्ति, त्याग और संघर्षमय जीवन को आज के युवाओं के लिए बड़ा प्रेरणास्रोत बताया।
दिलीप जोशी के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में कालिदास अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे, समाज अध्यक्ष पंकज चांदोरकर, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजश्री जोशी, अशोक गुलजकर, सदाशिव नायगांवकर, रविंद्र वी. मुले, मिलिंद पन्हालकर, प्रदीप जोग, यशवंत तिलगुलकर, निलेश नेमावरकर, सुचित्रा केतकर, अजय भातखंडे और सुरेश चिपलूनकर सहित कई समाजजनों ने वीर सावरकर को पुष्पांजलि अर्पित की। अंत में आभार प्रदर्शन दिलीप जोशी ने किया।

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