उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) पुजारियों के पहनावे और जांच को लेकर दिए गए विवादित बयान पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाकाल सेना ने चार धाम के प्रमुख शांति स्वरूपानंद पर पुजारियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। इस संबंध में महाकाल सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री किशन पांडेय ने स्वामी परमानंद को पत्र लिखकर कार्रवाई का आग्रह किया है।
महाकाल सेना का आरोप है कि पिछले दिनों निरंजनी अखाड़े में स्वयं को अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बताने वाले एक कथित संत ने बैठक बुलाई थी। अयोध्या के चौरी कांड को दबाने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में पुजारियों और ब्राह्मणों पर बेवजह आरोप लगाए गए। साथ ही शासन-प्रशासन को सुझाव दिया गया कि पुजारियों के कुर्ते में जेब नहीं होनी चाहिए। सेना का आरोप है कि स्वयं को महामंडलेश्वर बताने वाले शांति स्वरूपानंद ने भी इस बयान का समर्थन किया। उन्होंने पुजारियों की मेटल डिटेक्टर से चेकिंग करने और बिना जेब वाले कुर्ते पहनने की वकालत कर पुजारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।
कार्रवाई नहीं होने पर करेंगे उग्र विरोध
संगठन मंत्री किशन पांडेय ने पत्र में कहा है कि शांति स्वरूपानंद के इस कृत्य से देशभर के पुजारियों में भारी आक्रोश है और इससे चार धाम की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। भविष्य में संस्था और स्वामी परमानंद की बदनामी न हो, इसलिए शांति स्वरूपानंद को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। महाकाल सेना ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें नहीं हटाया गया, तो संगठन उनके खिलाफ उग्र विरोध करेगा और राज्य सरकार से चार धाम का सरकारीकरण करने की मांग करेगा।
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