सीमित बारिश के बावजूद टमाटर की बढ़ी आवक, मंडी में कैरेट रखने और लोडिंग-अनलोडिंग के लिए जगह की कमी

इन्दौर।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) सीमित बारिश के बावजूद इस बार टमाटर की पैदावार अच्छी होने से चोइथराम मंडी में इसकी आवक बढ़ गई है। रोजाना शहर की खपत से अधिक टमाटर पहुंचने के कारण मंडी में कैरेट रखने और लोडिंग-अनलोडिंग के लिए जगह की कमी (पर्याप्त स्थान नहीं होने) सामने आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि व्यवस्थित स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से किसानों का माल संभालने के साथ दूसरे शहरों और राज्यों में इसकी आपूर्ति भी सुगम हो सकती है।शहर में प्रतिदिन करीब 5 से 7 हजार कैरेट टमाटर की खपत बताई जाती है। इन दिनों मंडी में इससे अधिक आवक हो रही है। सेंधवा, पलसूद और जुलवानिया क्षेत्र से बड़ी मात्रा में टमाटर इंदौर पहुंच रहा है। गुणवत्ता के अनुसार थोक बाजार में इसके भाव करीब 6 से 20 रुपए प्रति किलो तक बताए जा रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक पर्याप्त जगह नहीं होने से कैरेट को व्यवस्थित तरीके से रखने और वाहनों में माल चढ़ाने-उतारने में अतिरिक्त समय लग रहा है। उनका कहना है कि मंडी में उपलब्ध स्थान का बेहतर प्रबंधन और आवश्यक विस्तार किया जाए तो वर्तमान कारोबार को और बढ़ाया जा सकता है। इससे किसानों को बाजार मिलेगा और बाहर के शहरों में भी आपूर्ति की संभावनाएं बढ़ेंगी।

शुल्क को लेकर भी आपत्ति
कुछ व्यापारियों ने मंडी के नाके पर निर्धारित रसीद से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत भी की है। उन्होंने मंडी प्रशासन से शुल्क व्यवस्था की जांच कर स्पष्टता लाने की मांग की है, ताकि किसानों और कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

कचरा डंपिंग से बदबू, सफाई व्यवस्था पर सवाल
मंडी परिसर में नगर निगम की ओर से कचरा डंप किए जाने को लेकर भी व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कचरे के कारण बदबू और सड़न की स्थिति बनती है, जिससे कारोबार के वातावरण के साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हो सकती है। व्यापारियों ने मंडी प्रशासन और नगर निगम से कचरा डंपिंग के लिए व्यवस्थित स्थान तय करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि टमाटर जैसी जल्दी खराब होने वाली उपज के लिए स्वच्छ और पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना जरूरी है।

मंडी में टमाटर की स्थिति
रोजाना खपत- करीब 5-7 हजार कैरेट
आवक-सेंधवा, पलसूद और जुलवानिया से बड़ी आवक
थोक भाव – 6 से 20 रु प्रतिकिलो
व्यापारियों की मांग – जगह, लोडिंग-अनलोडिंग सुविधा और बेहतर सफाई व्यवस्था