नंदी हॉल में प्रोटोकॉल के नाम पर वीआईपी लोगों का एकाधिकार,सनातन धर्म मोर्चा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) महाकालेश्वर मंदिर के नंदी हॉल में पिछले पचास सालों से चल रही वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठी है। अखिल भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा के अध्यक्ष किशोर सिंह कुशवाह ने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने भस्म आरती और अन्य आरतियों में आम भक्तों का अधिकार सुनिश्चित करने की अपील की है।
कुशवाह ने बताया कि महाकाल सहित देश के सभी तीर्थ स्थल आम भक्तों के कारण ही विकसित हुए हैं। नंदी हॉल में प्रोटोकॉल के नाम पर वीआईपी लोगों का एकाधिकार हो गया है। आए दिन सेलिब्रिटी के आने से मंदिर में अव्यवस्था फैलती है और आगे बैठने या फोटो खिंचवाने की होड़ में आम भक्त दर्शन से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सेलिब्रिटी मंदिर में दान तक नहीं देते, उन्हें समिति द्वारा विशेष दर्शन और स्वागत-सम्मान की सुविधा क्यों दी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रोटोकॉल के जरिए हर सोमवार, त्योहारों और शिवरात्रि जैसे पर्वों पर बार-बार भस्म आरती में अनुमति प्राप्त कर लेते हैं, जिससे आम सनातनियों के अधिकारों पर कुठाराघात होता है। पूर्व प्रशासक धाकड़ ने आम भक्तों के सम्मान में 25 लोगों को नंदी हॉल में बैठने की सुविधा दी थी, लेकिन वीआईपी को खुश करने के लिए यह व्यवस्था बंद कर दी गई, जो निंदनीय है। मोर्चा ने मांग की है कि देश के सभी मंदिरों से एकाधिकार और प्रोटोकॉल व्यवस्था समाप्त कर आम भक्तों को प्राथमिकता दी जाए।

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