मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद उठी मांग, मध्यप्रदेश में लागू हो मंदिर मर्यादा और पुजारी सुरक्षा एक्ट, महाकाल और कालभैरव जैसे प्रमुख मंदिरों में साधु-संत तक कर रहे गर्भगृह की मर्यादा भंग

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) मद्रास हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने मध्यप्रदेश में भी मंदिर मर्यादा, परंपरा व पुजारी सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की है। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी और सचिव रूपेश मेहता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मद्रास हाईकोर्ट के निर्णय की तर्ज पर प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय मंदिरों के लिए आचार संहिता बनाई जाए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर कोई पर्यटन स्थल नहीं है, इसकी पवित्रता सर्वोपरि है। रीति-रिवाज और सनातन परंपरा का पालन न करने वाले लोगों के मंदिर प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगना चाहिए, चाहे वे गैर-हिंदू हों या सनातनी हिंदू। महासंघ के अनुसार सनातन धर्म के लिए परंपरा तोड़ने वाले हिंदू, गैर-हिंदुओं से ज्यादा घातक हैं।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर, कालभैरव और गढ़कालिका जैसे प्रमुख मंदिरों का हवाला देते हुए महासंघ ने कहा कि यहां अक्सर गर्भगृह की मर्यादा और पवित्रता भंग की जाती है। कई बार साधु-संत और साध्वियां भी नियमों की अनदेखी कर कुर्तानुमा वस्त्र व साफा बांधकर गर्भगृह में प्रवेश करते हैं। पुजारी या सेवादार जब उन्हें रोकते हैं, तो उनके साथ खुलेआम अभद्रता की जाती है। सरकारी आदेशों का पालन नहीं करने वाले ऐसे लोगों का प्रवेश भी प्रतिबंधित होना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि कई लोग मंदिर प्रांगण में ताश-जुआ खेलने और नशा करने जैसी अराजकता फैलाते हैं। जब पुजारी उन्हें रोकते हैं तो उनके साथ मारपीट और हत्या तक की घटनाएं हो जाती हैं। इसलिए पुजारियों की सुरक्षा के लिए तत्काल सख्त कानून लागू किया जाना चाहिए।
file photo-