समाजसेविका और पार्षद श्रीमती माया त्रिवेदी का निधन,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि, पुत्र पं ऋषिकेश ने दी मुखाग्नि

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) अखिल भारतीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय महिला सभा अध्यक्ष और पार्षद श्रीमती माया त्रिवेदी का निधन हो गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उनके कार्तिक चौक स्थित निवास पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। बुधवार सुबह 11 बजे कार्तिक चौक से चक्रतीर्थ श्मशान घाट के लिए अंतिम यात्रा निकाली गई। चक्रतीर्थ पर उनके पुत्र पं. ऋषिकेश त्रिवेदी ने उन्हें मुखाग्नि दी।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने श्रीमती माया त्रिवेदी के पति और गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज के प्रांतीय अध्यक्ष पं. राजेश त्रिवेदी आमवाला पंडा तथा देवर पं. भूपेश त्रिवेदी से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंतिम यात्रा के प्रमुख मार्गों से गुजरने के दौरान विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
पं. श्रावण शर्मा ने बताया कि अंतिम संस्कार के पश्चात चक्रतीर्थ पर शोकसभा आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस नेता मनोहर बैरागी ने की। उन्होंने कहा कि श्रीमती माया त्रिवेदी का निधन संपूर्ण शहर की अपूरणीय क्षति है और उनका सेवाभावी व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। धर्मगुरु आचार्य अखिलेश महाराज ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ उनके द्वारा समाज के हर वर्ग को दिए गए सहयोग का प्रमाण है। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
शोकसभा में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक महेश परमार, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, मुकेश भाटी, राजेंद्र गुरु, गिरीश पाठक, सुरेंद्र चतुर्वेदी, भगवान शर्मा, शैलुगुरु, दिलीप गुरु, प्रदीप गुरु, आशीष गुरू, राम गुरु, ओम गुरु, अर्पित गुरु, संदीप गुरु, संजय गुरु, दीपक गुरु, लोकेश गुरु, पवन गुरु, गिरीश शास्त्री, योगेश व्यास, विजय व्यास, यशवंत व्यास, योगेश साद, पंकज सोलंकी, सतीश शुक्ला, राजेश रावत, निरंजन मेहता, प्रकाश त्रिवेदी, देवेंद्र पुरोहित, राजेश वर्मा, कमल चौहान, धर्मेंद्र शर्मा, आजाद यादव, और उपायुक्त संजेश गुप्ता सहित सैकड़ों महिलाएं और नागरिक उपस्थित हुए।