उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) शक्ति, श्रद्धा, शास्त्र और साधना को केंद्र में रखकर 51 शक्तिपीठों के ‘शक्तिधाम’ प्रकल्प को साकार करने के उद्देश्य से महाकाल की नगरी उज्जैन में 8 और 9 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। मोक्षदायिनी शिप्रा के पावन तट पर हरसिद्धि माता के सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस मंथन में देशभर के विद्वान, चिंतक और संत नर्मदा तट पर प्रस्तावित ‘शक्तिधाम’ के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श करेंगे।
8 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष करेंगे शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन 8 अक्टूबर गुरुवार को सुबह 10 बजे होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सदस्य सुरेश (भैया जी) जोशी मुख्य वक्ता और मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर मुख्य अतिथि होंगे। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री उदयप्रताप सिंह, शक्तिधाम न्यास अध्यक्ष प्रशांत हतालकर और सिंहस्थ केंद्रीय समिति के पूर्व अध्यक्ष मारवन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल और नगर निगम सभापति कलावती यादव की उपस्थिति रहेगी।
9 अक्टूबर को उच्च शिक्षा मंत्री के आतिथ्य में होगा समापन
दो दिवसीय आयोजन का समापन 9 अक्टूबर शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे होगा। समापन समारोह में भी मुख्य वक्ता सुरेश (भैया जी) जोशी होंगे, जबकि मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री इंदरसिंह परमार रहेंगे। अध्यक्षता शक्तिधाम न्यास के अध्यक्ष प्रशांत हतालकर करेंगे। उज्जैन प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर और उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर विशिष्ट अतिथि होंगी। इस अवसर पर सिंहस्थ विकास प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अध्यक्ष ओम जैन और उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी मौजूद रहेंगे।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वरूप को मिलेगा विस्तार
शक्तिधाम न्यास भोपाल के सचिव राकेश शर्मा और कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन के निदेशक डॉ. गोविंद गन्ये सहित अन्य पदाधिकारी आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। शक्ति धाम न्यास के विभाष उपाध्याय और सुरेश गिरी ने बताया कि इस आयोजन में संत-परंपरा के प्रतिनिधियों के माध्यम से शक्ति उपासना, भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, शास्त्र और साधना से जुड़े विषयों पर गहन मंथन होगा। इसका मुख्य उद्देश्य ‘शक्तिधाम’ प्रकल्प के व्यापक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वरूप को आगे बढ़ाना है।
