26 साल बाद तृतीया युक्त चतुर्थी में हरितालिका तीज का व्रत और पार्थिव गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त, दुर्लभ संयोग में उज्जैन में गूंजेगा बप्पा का जयघोष

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) महाकाल की नगरी उज्जैन में 26 साल बाद हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। आगामी 14 सितंबर सोमवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर घर-घर गणपति बप्पा की स्थापना की जाएगी। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि प्रातः 7 बजकर 43 मिनट से प्रारंभ होगी और इसी के साथ शहर में गणेशोत्सव का उल्लास शुरू हो जाएगा।
मध्याह्न में होगा बप्पा की स्थापना का विशेष मुहूर्त
उज्जैन की स्थानीय गणना के अनुसार भगवान श्री गणेश की स्थापना और पूजन के लिए मध्याह्न काल प्रातः 11 बजकर 08 मिनट से दोपहर 1 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास के अनुसार इस बार गणेश चतुर्थी पर रवि इंद्र और ब्रह्म योग का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इन शुभ योगों में भगवान श्री गणेश की आराधना और पूजन करने से श्रद्धालुओं को विशेष फल की प्राप्ति होगी।
दूर्वा और मोदक से प्रसन्न होंगे विघ्नहर्ता
ज्योतिषाचार्य पं. अजय व्यास ने बताया कि गणेशजी को दूर्वा सिंदूर लाल पुष्प अक्षत मोदक और लड्डू अर्पित करना अत्यंत फलदायी है। बप्पा को 21 दूर्वा और 21 मोदक चढ़ाने की विशेष परंपरा है। श्रद्धालु ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जाप और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ कर विघ्नहर्ता की आराधना कर सकते हैं। पं. अजय व्यास के मुताबिक गणेशोत्सव के माध्यम से सनातन परंपराओं से जुड़कर समाज में सद्भाव और एकता की भावना मजबूत होती है।
सूंड की दिशा और पूजन सामग्री का महत्व
पं. अजय व्यास के अनुसार गणेशजी की सूंड बुद्धि विवेक और परिस्थिति के अनुरूप ढलने का प्रतीक है। बाईं ओर मुड़ी सूंड गृहस्थ जीवन में सुख-शांति दाईं ओर मुड़ी सूंड विशेष साधना और सीधी सूंड आध्यात्मिक उन्नति व एकाग्रता का प्रतीक मानी जाती है। इसी तरह पूजन सामग्री में दूर्वा पवित्रता का सिंदूर ऊर्जा का लाल पुष्प भक्ति का अक्षत अखंड समृद्धि का और मोदक आनंद का प्रतीक है। नारियल शुद्ध संकल्प का पान-सुपारी सम्मान का तथा कपूर अहंकार त्यागने का संदेश देते हैं।
राशि अनुसार बप्पा को प्रसन्न करने के आसान उपाय
ज्योतिषाचार्य पं. अजय व्यास ने बप्पा को प्रसन्न करने के लिए राशि अनुसार सरल उपाय बताए हैं। पं. अजय व्यास के अनुसार मेष राशि के जातक लाल पुष्प व गुड़ अर्पित करें और वृषभ राशि वाले सफेद पुष्प व मोदक चढ़ाएं। मिथुन राशि के लोग दूर्वा अर्पित कर गणेश मंत्र का जाप करें तथा कर्क राशि वाले दूध से बने मिष्ठान का भोग लगाएं। सिंह राशि के जातक लाल सिंदूर व लाल पुष्प चढ़ाएं और कन्या राशि वाले दूर्वा अर्पित कर अथर्वशीर्ष का पाठ करें। पं. अजय व्यास ने बताया कि तुला राशि के श्रद्धालु सफेद पुष्प व मोदक अर्पित करें, वृश्चिक राशि वाले गुड़ व लाल पुष्प चढ़ाएं तथा धनु राशि के जातक पीले पुष्प व बेसन के लड्डू चढ़ाएं। मकर राशि वाले काले तिल मिश्रित लड्डू का भोग लगाएं, कुंभ राशि के लोग दूर्वा व तिल के लड्डू अर्पित करें और मीन राशि वाले पीले पुष्प व मोदक चढ़ाकर प्रार्थना करें। पं. अजय व्यास के मुताबिक सभी राशियों के श्रद्धालुओं के लिए ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।