खाकी की साख को तार-तार कर देने वाला बेहद शर्मनाक मामला ! 17 साल की नाबालिग से रेप मामले में 2 आरक्षक गिरफ्तार

भोपाल।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कानून व्यवस्था और खाकी की साख को तार-तार कर देने वाला बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। रक्षक ही भक्षक बनते हुए विशेष सशस्त्र बल SAF के दो जवानों ने 17 वर्षीय एक नाबालिग को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। इस वारदात में सबसे हैरान और विचलित कर देने वाली बात यह रही कि एक तरफ जहां एक आरक्षक ने मासूम से ज्यादती की, वहीं दूसरा आरक्षक अपने 3-4 साल के मासूम बेटे को साथ लेकर पहरा देता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, घटना 22 जुलाई की शाम की है। धार में पदस्थ SAF आरक्षक संतोष सेन ने एक परिचित महिला के फोन पर संपर्क किया और पीड़िता को जन्मदिन की पार्टी के बहाने लाल परेड मैदान के सामने बुलाया। शाम लगभग 6:30 बजे जब 17 वर्षीय पीड़िता वहां पहुंची, तो वहां आरोपी संतोष सेन के साथ ग्वालियर में पदस्थ SAF का दूसरा आरक्षक जितेंद्र राजपूत अपनी कार के साथ मौजूद था। कार में जितेंद्र का 3-4 साल का बेटा भी बैठा था। आरोपियों ने झांसा दिया कि जितेंद्र की बेटी की बर्थडे पार्टी है और उसे मनाकर वे वापस छोड़ देंगे।

झांसे में लेकर दोनों आरक्षक पीड़िता को एमपी नगर स्थित प्रगति पेट्रोल पंप के पास एक मकान में ले गए। आरक्षक जितेंद्र राजपूत अपने 3-4 साल के मासूम बेटे के साथ सीढ़ियों पर बैठकर पहरा देता रहा, ताकि कोई ऊपर न आ सके। कमरे के भीतर आरक्षक संतोष सेन ने पीड़िता के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को वहीं असहाय छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी के ही छूटे मोबाइल फोन से अपने परिजनों को कॉल कर आपबीती सुनाई।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और पीड़िता को लेकर सीधे कमला नगर थाने पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कमला नगर थाना पुलिस ने तुरंत ज़ीरो पर मामला दर्ज किया। घटना क्षेत्र के अनुसार केस को जहांगीराबाद थाने स्थानांतरित किया गया, जहां दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट एससी/एसटी अधिनियम और रेप की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने दबिश देकर शाम होते-होते दोनों आरोपी आरक्षकों संतोष सेन और जितेंद्र राजपूत को हिरासत में ले लिया।