जानकारी के अनुसार, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को मंदिर से बाहर निकालते समय ग्रैंड रोड पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दम घुटने से एक श्रद्धालु बेहोश हो गया, जिसे तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मौत की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि स्पेशल रेस्क्यू यूनिट की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित श्रद्धालुओं को भीड़ से निकाला और उन्हें पुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। स्थानीय प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और इमरजेंसी मेडिकल टीमें तैनात कर दी हैं।
रथ यात्रा 2026 की शुरुआत
दुनिया भर में प्रसिद्ध जगन्नाथपुरी रथ यात्रा गुरुवार को शुरू हो गई। लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को 12वीं शताब्दी के प्रसिद्ध मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक की वार्षिक यात्रा के लिए इकट्ठा हुए। घंटे-घड़ियाल, शंख और झांझ की ध्वनियों के बीच पहले चक्रराज सुदर्शन को मुख्य मंदिर से बाहर निकाला गया और देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथ पर स्थापित किया गया। इसके बाद ‘शून्य पहंडी’ जुलूस में देवी सुभद्रा की मूर्ति को रथ पर चढ़ाया गया। अंत में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति मंदिर से बाहर निकलते ही ग्रैंड रोड पर भक्तों ने ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारे लगाए।
बारिश और जलभराव से निपटने की तैयारियां
रथ यात्रा के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने पुरी में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने पुरी नगर निगम के साथ मिलकर 24 घंटे अलर्ट टीमें तैनात की हैं। पिछले 24 घंटों में पुरी में करीब 200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने गुरुवार को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया था।
