उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की कड़ी निंदा करते हुए वर्तमान ट्रस्टियों को हटाने की मांग की है। इस संबंध में महासंघ द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक निंदा प्रस्ताव पत्र भेजा जाएगा, जिसमें अपराधियों को संरक्षण देने वाले ट्रस्टियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी शामिल होगी। यह अहम निर्णय बुधवार को पिपलीनाका चौराहा स्थित कुचेरा भैरव मंदिर में आयोजित महासंघ की नगर कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।
बैठक में बतौर मुख्य अतिथि महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने कहा कि हजारों सालों से मंदिरों की सुरक्षा और दान की रक्षा वंशानुगत पुजारी ही करते आए हैं। जब से मंदिरों का सरकारीकरण हुआ है, संपत्तियों और दान में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। राम मंदिर में हुई चोरी से देश का सिर शर्म से झुक गया है। देश के कई धर्मस्थलों पर गर्भगृह के नियम तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जो ट्रस्ट या समिति व्यवस्था संभालने में नाकाम है, उसे तुरंत भंग कर मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए और व्यवस्था पुनः वंशानुगत पुजारियों को सौंपी जाए।
सिंहस्थ समितियों में पुजारियों को मिले स्थान
राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने कहा कि सरकार जिस तरह साधु-संतों को महत्व देती है, उसी तरह आगामी सिंहस्थ के लिए बनने वाली समितियों में पुजारियों को भी शामिल किया जाए। सिंहस्थ की सफलता के लिए पुजारियों के अनुभव और सुझाव भी जरूरी हैं।
समाज सेवा की आड़ में मंदिरों पर नजर रखने वालों से रहें सावधान
बैठक की अध्यक्षता कर रहे नगर अध्यक्ष मंगल पुजारी ने पुजारियों को सचेत करते हुए कहा कि नगर में जयराज चौबे और सारिका गुरु समाज सेवा का चोला ओढ़कर मंदिरों पर गिद्ध दृष्टि लगाए बैठे हैं, ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी पुजारियों से महासंघ का सदस्य बनने का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य रूप से राकेश जोशी, संतोष शर्मा, घनश्याम दीक्षित, रामा गुरु, रमेशचंद्र मेहता, राम शर्मा, किशन पांडे और आशीष ठक्कर उपस्थित रहे।
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