उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रारंभ की गई क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का 25 मई को रामघाट पर मां क्षिप्रा के पूजन अर्चना एवं दुग्धाभिषेक से प्रारंभ होकर 26 मई को रामघाट पर ही समापन होगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ रवि सोलंकी ने बताया कि 22 वर्ष पूर्व क्षिप्रा के तट पर प्रारंभ हुआ यह प्रयास आज एक वट वृक्ष बन गया है और अब संपूर्ण मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विशेष प्रयास से विस्तार की ओर अग्रसर हैं। यह यात्रा धर्म और आध्यात्मिक की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही बल्कि यात्रा के दौरान पुरातात्विक अध्ययन दल तथा वैज्ञानिक दल भी शामिल रहता है जो क्षिप्रा के तट के कटाव सहित अन्य बातों का अध्ययन करता है।
यात्रा में लगभग दस हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है । संतो के सानिध्य में 54 किलोमीटर की यात्रा कई पड़ाव से गुजरेगी जिसमें चिकित्सा की सहायता भी उपलब्ध रहेगी, परंतु ईश्वर की कृपा है कि पिछले 22 वर्षों से किसी भी श्रद्धालुओं को चिकित्सा की सहायता की आवश्यकता नहीं हुई है। यात्रा रामघाट, नरसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार, शनि मंदिर, दत्त अखाड़ा, रणजीत हनुमान एवं सिद्धनाथ, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गोपाल मंदिर होते हुए अगले दिन रामघाट पर ही समापन होग रात्रि विश्राम दत्त अखाड़ा क्षेत्र में होगा।
ये होंगे कार्यक्रम
यात्रा के अंतर्गत हो रहे आयोजनों में गत 17 मई से 26 मई तक पंडित ढोली बुआ द्वारा नारद कथा गायन एवं 25 में को दत्त अखाड़ा पर शाम 6:00 बजे श्रेयष शुक्ला एवं साथियों द्वारा भजन संध्या का आयोजन होगा तथा 26 मई को दत्त अखाड़ा पर शाम 4:00 बजे भारतीय नौसेना का बैंड अपनी भव्य प्रस्तुति देगा। इसी दिन शाम 7:30 बजे रामघाट पर केशवम बेंड मुंबई अपनी प्रस्तुति देगा तथा 8:30 बजे मैथिली ठाकुर एवं साथियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। 26 मई को मां शिप्रा को 351 फ़ीट लम्बी चुनरी अर्पण का आयोजन शाम 5:00 बजे रामघाट पर होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मिलित होंगे।
पत्रकार वार्ता में महंत रामेश्वर दास ने बताया कि
शिप्रा नदी का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। मोक्ष दायिनी शिप्रा में अस्थि विसर्जन करना गंगा नदी में अस्थि विसर्जन करने से भी ज्यादा महत्व रखता है क्योंकि क्षिप्रा में अस्थि विसर्जन करने से मोक्ष ही हो जाता है। यह शास्त्रों में कई जगह वर्णित है।शासन की पहल एवं परिक्रमा के मंच में पूर्व में की गई घोषणाएं अब साकार रूप ले रही है जिसमें सेवर खेड़ी डैम निर्माण, नर्मदा क्षिप्रा लिंक योजना , खान डायवर्सन एवं पर्यावरण सुधार कार्य प्रमुख है।
