संजीवनी अस्पताल में नवजात की मौत: नॉर्मल डिलीवरी की जिद में गई जान, डॉ. कोठारी पर गंभीर आरोप

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) शहर के संजीवनी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक नवजात की गर्भ में ही मौत हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉ. शिल्पा कोठारी पर लापरवाही, अनुभवहीनता और नॉर्मल डिलीवरी की जिद के चलते बच्ची की जान लेने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
अंतिम समय तक बताया था सब सामान्य
आगर निवासी 23 वर्षीय महक, जिनके पति अभिषेक मालवीय हैं, का इलाज शुरुआत से ही उज्जैन की डॉ. शिल्पा कोठारी की देखरेख में चल रहा था। महक के पिता और महाकाल वाणिज्य केंद्र निवासी नरेन्द्र मालवीय, जिनके पिता बंशीलाल मालवीय हैं, ने बताया कि 19 और 20 मार्च को जांच में सब कुछ सामान्य बताया गया था। 20 मार्च की शाम तकलीफ बढ़ने पर रात करीब 8 बजे महक को संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टर ने बताया कि प्रसूता दबाव नहीं लगा पा रही है। इसके बाद डॉक्टर ने बच्ची द्वारा अंदर शौच करने की बात कहकर ऑपरेशन की जरूरत बताई। परिजनों ने तुरंत सहमति दे दी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद डॉ. शिल्पा कोठारी नॉर्मल डिलीवरी कराने का प्रयास करती रहीं।
अटेंडर और नर्स ने बेरहमी से बनाया दबाव
परिजनों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि नॉर्मल डिलीवरी के प्रयास में एक पुरुष अटेंडर और नर्स ने महक के ऊपर चढ़कर बेरहमी से दबाव बनाया। अत्यधिक दबाव और समय बीतने के कारण बच्ची की गर्भ में ही मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि बच्ची के पेट पर नाखून के निशान भी मिले हैं, जिसके फोटो उनके पास उपलब्ध हैं।
पुलिस कार्रवाई की मांग
घटना वाली रात ही परिजन माधवनगर थाने पहुंचे और आवेदन दिया। पुलिस ने डॉ. शिल्पा कोठारी को थाने बुलाया और आवेदन रख लिया, लेकिन परिजनों का कहना है कि अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। नरेन्द्र मालवीय ने जिला प्रशासन से डॉ. शिल्पा कोठारी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने, उनका मेडिकल लाइसेंस निरस्त करने, क्लिनिक बंद कराने और प्रैक्टिस पर रोक लगाने की मांग की है।
डॉ. शिल्पा कोठारी ने बताया

माधव नगर थाना प्रभारी को दी गई शिकायत में 3-3/1 बख्तावर मार्ग (फ्रीगंज) स्थित अस्पताल की डॉ. शिल्पा कोठारी ने उपद्रव करने वालों पर कानूनी कार्रवाई और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के लिए सुरक्षा की मांग की है। उनका आरोप है कि अस्पताल का बकाया बिल न चुकाने के उद्देश्य से यह हंगामा किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सा के स्तर पर कोई कमी नहीं थी। उनके पास देरी से मिले सहमति पत्र, मेडिकल मॉनिटरिंग रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी पुख्ता सबूत मौजूद हैं और वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सांकेतिक चित्र-

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