उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) अनुष्ठान मंडपम ज्योतिष अकादमी और नव संवत्सर अभिनंदन समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार 19 मार्च 2026 को भारतीय नव संवत्सर ‘रौद्र’ का भव्य स्वागत किया गया। दत्त अखाड़ा स्थित क्षिप्रा तट पर प्रातः 5 बजे से आयोजित इस समारोह में सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्य देकर नव वर्ष का अभिवादन किया गया।
आयोजन समिति के संयोजक ज्योतिषाचार्य पंडित चंदन श्यामनारायण व्यास ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात आचार्य वासुदेव पुरोहित के आचार्यत्व में वैदिक विद्वानों द्वारा मंगलाचरण कर मां क्षिप्रा का पंचामृत पूजन किया गया। प्रातः 6.32 बजे 108 बटुकों ने आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ के साथ सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्य अर्पित कर नव संवत्सर का स्वागत किया।
इस अवसर पर निनाद नृत्य संस्था की निर्देशिका पलक पटवर्धन के नेतृत्व में नन्ही बालिकाओं द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई। बालिकाओं ने नृत्य के माध्यम से नवदुर्गा के स्वरूपों को दर्शाया, जो उपस्थितजनों के लिए काफी आकर्षण का केंद्र रहा। समारोह में महिलाओं द्वारा गुड़ी और ध्वज का पूजन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद स्वरूप नीम-मिश्री और ब्रह्म ध्वज का वितरण किया गया।
कार्यक्रम संयोजक पंडित चंदन श्यामनारायण व्यास ने सभी अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। समारोह में महामंडलेश्वर श्री ज्ञानदास जी महाराज, धर्माधिकारी पंडित नारायण उपाध्याय, विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक एवं मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, युवा कथावाचक पंडित अर्जुन गौतम, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अर्पण भारद्वाज, राजेश कुशवाह, अनंतनारायण मीणा, डॉ. रमन सोलंकी, डॉ. रामतीर्थ शर्मा, कवि दिनेश दिग्गज, पंडित नागेश शर्मा, पंडित हेमंत जोशी, श्री लखन धनगर, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र चतुर्वेदी, आशुतोष मीणा, मनीष रावल, कैलाश जाट, दिनेश पंड्या, वासुदेव रावल, पंडित विजय तिवारी, पंडित गोपाल कृष्ण दवे और दिनेश रावल सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन पंडित गौरव उपाध्याय ने किया।
नव संवत-नवविचार ने निकाला इंद्र ध्वज चल समारोह
उज्जैन। नववर्ष संवत् 2083 के उपलक्ष्य में संस्था नव संवत-नवविचार द्वारा गुरुवार, 19 मार्च को इंद्र ध्वज चल समारोह एवं गुड़ी आरोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 10 बजे फव्वारा चौक से शुरू हुआ यह चल समारोह शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक गोपाल मंदिर पहुंचा।
संस्था सचिव प्रतीक जैन ने बताया कि चल समारोह प्रारंभ होने से पूर्व पं. अक्षत आनंद शंकर व्यास ने उपस्थितजनों को विश्व शांति के लिए हेमाद्री संकल्प कराया। चल समारोह में संस्था अध्यक्ष पं. योगेश शर्मा, पूर्व कुलपति डॉ. रामराजेश मिश्र, मनीष शर्मा, मनोहर बैरागी, मुकेश भाटी, रवि राय, नारायणसिंह भाटी, अनिल दाता , राजेश गंगवाल, भारतसिंह, डॉ. ब्रजेंद्रसिंह चौहान, महेश सुगंधी, अशोक सारवान, संचित शर्मा, संतोष पंड्या, संदीप नागर, निश्चल यादव, गुरमीतसिंह, आजम शेख, कासम अली, लक्की ठाकुर, हेमंतसिंह चौहान, सुभाष यादव, सुखदेव यादव, योगेश व्यास, चुन्नीलाल धैर्या, ओम राठी, गीता राठी, आशीष उपाध्याय, संदीप मेहता, केदार परिहार, राजेंद्र परिहार, धर्मेन्द्र गुप्ता ,बंटी राठी , राकेश ठाकुर , सनद बागरवाल, शैलू परमार, राकेश चोहान पं. सुरेंद्र चतुर्वेदी, ललित मीणा, कैलाश बिसेन संजय आचार्य सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। चल समारोह के गोपाल मंदिर पहुंचने पर गुड़ी एवं ध्वज मंदिर प्रबंधन को सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा प्रतिवर्ष नववर्ष पर गोपाल मंदिर के शिखर का ध्वज बदला जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया गया।


विक्रमादित्य टीले पर फहराई सबसे लंबी उंची धर्म ध्वजा
उज्जैन। श्री करपात्री कल्याण आश्रम बड़वाह एवं विक्रमादित्य नवसंवत् धर्म ध्वजा समिति के तत्वावधान में विक्रम संवत् 2083 चैत्र प्रतिपदा गुड़ी पडवा को प्रातः 9 बजे गोपालमंदिर पर महात्माओं द्वारा ध्वज पूजा कर चल समारोह प्रारंभ किया। 51 फीट लंबी ध्वजा के साथ चल समारोह छत्रिचौक से विक्रमादित्य टीले पर समापन हुआ।चल समारोह मार्ग पर भक्तों द्वार धर्म ध्वजा एवं संतो का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया
सनातनी नव वर्ष 2083 चैत्र प्रतिप्रदा पर श्री गुरु परंपरा अनुसार आयोजित कार्यक्रम रुद्र सागर में महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरीजी महाराज, महामण्डलेश्वर महंत ज्ञानदास महाराज, महामण्डलेश्वर भागवतानंद गिरी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी रामकृष्णनंद गिरी महाराज,महंत श्री नीलेश्वर गिरिजा महाराज, पं. गिरिश शर्मा गुरूजी (बालक) एवं श्री सच्चिदानंद महाराज द्वारा परंपरागत ध्वज बदला गया l चलसमारोह में विद्वान ब्राह्मण बटुक, मनोज मेहता ग्रुप सावेर इंदौर की नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करती तलवार भाले से खेलती हुई कन्याएं, बंगाली समाज की 51 शंख ध्वनि करती हुई माताएं बहने, वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए 150 बटुक ब्राह्मण और शौर्य प्रदर्शन करते बाबा महाकाल की नगरी के पुरुषोत्तम तिवारी के अखाड़ों मे शस्त्र प्रदर्शन करते बच्चियां, बच्चे व युवा इन सभी का उत्साहवर्धन करते हुए ढोल ताशे और बैंड बाजे के साथ रथ में विराजित मां की पादुका ,नगर वासियों द्वारा नववर्ष का मां शक्ति की आराधना का परमानंद ग्रहण करते दिखाई दिए। धर्म ध्वजा यात्रा में मुख्य रूप से पंडित दीपक व्यास, मुकेश भाटी, रवि राय, पार्षद गण, हिन्दू संगठन, युवामंच सत्संग समिति , महाकाल शयन आरती भक्त मंडल ,हरसिध्दि भक्त मंडल के साथ बड़ी संख्या में मातृ शक्ति के साथ शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें। चल समारोह का स्वरूप सिंहस्थ में निकलने वाली पेशवाई सा दिखाई दिया। ध्वजारोहण के पश्चात संतो द्वारा दीप प्रजलित कर परम पुज्य डॉ. कल्याणी चेतन्य अम्माजी की पादुका पूजन, गादिपति श्री सच्चिदानंद महाराज एवं समिति के सदस्यों द्वारा कर महात्माओं का सम्मान किया। इस दौरान मुख्य आयोजक फूलचंद जरिया, महेश तिलक,किरणकांत मेहता, एड.देवेंद्र राय ,बबलू खिच्ची,धर्मेन्द्र राठौर,योगेश साद, पंकज सोलंकी घनश्याम चौधरी, डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल, गेंदालाल जरिया, गंगाराम जरिया, गोपाल बागरवाल, , महेंद्र कटियार, दिलीप राठौर, विजय उपाध्याय, बुलबुल जायसवाल, जानू माली, मनोज ठाकुर कविता राय गीता यादव,लक्ष्मी लश्करी,पिंकी यादव ,गीता रामी,नीलम विश्वास ,आरती शर्मा,सहित बड़ी संख्या में श्रध्दालु मौजूद रहे।

