श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से धार्मिक नगरी उज्जैन में बवाल,बाबा बागेश्वर के खिलाफ मोर्चाबंदी में पुजारी-महामंडलेश्वर और हर्षानंद गिरि

छतरपुर।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की तुलना करने और श्रीकृष्ण को तीन जगह से टेढ़ा कहने वाली टिप्पणी पर धार्मिक नगरी उज्जैन में बवाल मच गया है। महाकाल मंदिर के पुजारी, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और साध्वी हर्षानंद गिरि ने मोर्चा खोल दिया है। सभी ने एक स्वर में कहा – व्यासपीठ से भगवान का मजाक बर्दाश्त नहीं होगा।

महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पं. महेश शर्मा ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री मदमस्त हो चुके हैं। धन, राजनीतिक लोगों का साथ और लगातार बढ़ते फॉलोअर का उन्हें मद चढ़ गया है, उन्हें लगता है जो कर रहे हैं वही सही है। भगवान श्रीकृष्ण तो स्वयं लीलाधर हैं। उन पर टिप्पणी का अधिकार किसी को नहीं है। राम और कृष्ण एक ही हैं, दोनों भगवान श्रीहरि के अवतार हैं। जो लोग भगवान पर ठिठोली करते हैं, सनातन का मजाक उड़ाते हैं, उनकी कथा न करवाना चाहिए, न सुनना चाहिए। पं. शर्मा ने मांग की है कि देश में ईशनिंदा पर सख्त कानून बनना चाहिए। सनातन धर्म और भगवान के खिलाफ बोलने वालों पर न सिर्फ कार्रवाई हो, बल्कि कठोर सजा भी मिले। धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण को तिरछा कहने के साथ मुरली का भी मजाक उड़ाया है। इससे राम और कृष्ण को मानने वालों के बीच विवाद शुरू हो गया है, जबकि दोनों एक ही हैं।

शैलेशानंद गिरि बोले- बार-बार टिप्पणी फिर माफी, क्षमा योग्य नहीं
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरि ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ज्ञान से पिछड़े हुए हैं। शब्दों की मर्यादा घातक होती है, शब्द ही हमारा चरित्र बता देते हैं राजनीती हो या धर्म, हर जगह भाषाई अमर्यादा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण एक ही हैं। श्रीमद् भागवत में भी इसका उल्लेख है। फिर आज के कथावाचक भगवान में भेद क्यों कर रहे हैं? उन्हें यह अधिकार किसने दिया? धीरेंद्र इसके पहले भी ऐसी टिप्पणी कर चुके हैं, बार-बार टिप्पणी करना और फिर माफी मांगना क्षमा योग्य अपराध नहीं है। महामंडलेश्वर ने राजनेताओं को भी नसीहत दी। बोले- टोना-टोटका, पर्ची वाले बाबा को वोट बढ़ाने के लिए मंच पर बिठाना और लाभ लेना सही नहीं है। इसके दुष्परिणाम समय-समय पर सामने आते हैं, अब नेताओं को भी सजग होना होगा।
साध्वी हर्षानंद गिरि बोलीं – मीडिया में छाने की भूख है
साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा, लोगों को समझना होगा – कृष्ण ही राम हैं और राम ही कृष्ण हैं, महादेव ही राम हैं और राम ही महादेव हैं। भगवानों में कोई भिन्नता नहीं है, समय के अनुरूप उन्होंने अलग-अलग रूप धारण किए हैं। उन्होंने कहा, सामान्य व्यक्ति को यह समझाना ठीक है, लेकिन व्यासपीठ पर बैठे पीठाधीश्वर को यह समझाना पड़े, यह समझ से परे है। राम सीधे हैं और कृष्ण तीन जगह से टेढ़े भी हैं तो इसमें क्या परेशानी है? बंशी बजाने वाला पर्वत भी उठा सकता है, यह भगवान ने ही बताया है। साध्वी ने तीखा हमला करते हुए कहा, बागेश्वर धाम हिंदू राष्ट्र और सनातनियों को एक करने की बात करते हैं तो फिर भगवान में तुलना क्यों? वो मीडिया में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं, उन्हें मीडिया में छाने की भूख है। उनके मित्र शायद इसीलिए हकीकत नहीं बताते कि कहीं रिश्ते खराब न हो जाएं। उन्होंने कहा, आपको शर्म आना चाहिए, ऐसे वक्तव्य आपके मुख से अच्छे नहीं लगते। अभी भी समझ जाइए, ऐसा न हो कि आपकी यह वाणी एक दिन आपको ही ले डूबे।