महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पं. महेश शर्मा ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री मदमस्त हो चुके हैं। धन, राजनीतिक लोगों का साथ और लगातार बढ़ते फॉलोअर का उन्हें मद चढ़ गया है, उन्हें लगता है जो कर रहे हैं वही सही है। भगवान श्रीकृष्ण तो स्वयं लीलाधर हैं। उन पर टिप्पणी का अधिकार किसी को नहीं है। राम और कृष्ण एक ही हैं, दोनों भगवान श्रीहरि के अवतार हैं। जो लोग भगवान पर ठिठोली करते हैं, सनातन का मजाक उड़ाते हैं, उनकी कथा न करवाना चाहिए, न सुनना चाहिए। पं. शर्मा ने मांग की है कि देश में ईशनिंदा पर सख्त कानून बनना चाहिए। सनातन धर्म और भगवान के खिलाफ बोलने वालों पर न सिर्फ कार्रवाई हो, बल्कि कठोर सजा भी मिले। धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण को तिरछा कहने के साथ मुरली का भी मजाक उड़ाया है। इससे राम और कृष्ण को मानने वालों के बीच विवाद शुरू हो गया है, जबकि दोनों एक ही हैं।
साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा, लोगों को समझना होगा – कृष्ण ही राम हैं और राम ही कृष्ण हैं, महादेव ही राम हैं और राम ही महादेव हैं। भगवानों में कोई भिन्नता नहीं है, समय के अनुरूप उन्होंने अलग-अलग रूप धारण किए हैं। उन्होंने कहा, सामान्य व्यक्ति को यह समझाना ठीक है, लेकिन व्यासपीठ पर बैठे पीठाधीश्वर को यह समझाना पड़े, यह समझ से परे है। राम सीधे हैं और कृष्ण तीन जगह से टेढ़े भी हैं तो इसमें क्या परेशानी है? बंशी बजाने वाला पर्वत भी उठा सकता है, यह भगवान ने ही बताया है। साध्वी ने तीखा हमला करते हुए कहा, बागेश्वर धाम हिंदू राष्ट्र और सनातनियों को एक करने की बात करते हैं तो फिर भगवान में तुलना क्यों? वो मीडिया में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं, उन्हें मीडिया में छाने की भूख है। उनके मित्र शायद इसीलिए हकीकत नहीं बताते कि कहीं रिश्ते खराब न हो जाएं। उन्होंने कहा, आपको शर्म आना चाहिए, ऐसे वक्तव्य आपके मुख से अच्छे नहीं लगते। अभी भी समझ जाइए, ऐसा न हो कि आपकी यह वाणी एक दिन आपको ही ले डूबे।
