खड़े हनुमान यथास्थान रहें, सकल हिंदू समाज का जनसैलाब उमड़ा, भरी हुंकार जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठी उज्जैन नगरी

उज्जैन,(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) सिंहस्थ महापर्व को लेकर उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों के बीच बड़ा सराफा स्थित प्राचीन श्री खड़े हनुमान मंदिर को यथास्थान विराजित रखे जाने की मांग को लेकर बुधवार को सकल हिंदू समाज का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। साधु-संत, महात्मा, बच्चे, युवा, बड़े-बुजुर्ग, महिलाएं और हर उम्र के रामभक्त बड़ी संख्या में खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। विश्व हिंदू परिषद एवं सकल हिंदू समाज की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा गया कि सिंहस्थ नगरी उज्जयिनी में महाकुंभ को लेकर हो रहे विभिन्न विकास कार्य सराहनीय हैं। समाज सिंहस्थ और स्मार्ट सिटी से जुड़े विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं डालना चाहता, बल्कि इन कार्यों का स्वागत करता है। हालांकि, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुके श्री खड़े हनुमान मंदिर को यथास्थान बनाए रखने का आग्रह समाज की ओर से किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि बड़ा सराफा क्षेत्र में विराजित श्री खड़े हनुमानजी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजन और आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब यहां हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। समाज की ओर से प्रशासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया गया कि मार्ग चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों के दौरान अनेक धार्मिक स्थलों से संबंधित संरचनाओं को हटाया गया, लेकिन अब श्री खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। समाज का कहना है कि विकास कार्य अपनी गति से चलते रहें, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र इस प्राचीन मंदिर को यथास्थान रखने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मंदिर के आसपास की कई संरचनाएं हटाई जा चुकी हैं, जबकि प्रतिमा को लेकर समाज की भावना स्पष्ट है कि श्री खड़े हनुमानजी यथास्थान विराजित रहें। समाज ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस विषय में ऐसा निर्णय लिया जाए, जिससे सिंहस्थ विकास कार्य भी आगे बढ़ें और श्रद्धालुओं की आस्था का भी सम्मान बना रहे। विशाल जनसमूह हजारों की संख्य मे जो खड़े हनुमान से लेकर सती गेट के बाहर तक पहुंच गया जिसमें सभी ने एक स्वर में मांग उठाई कि खड़े हनुमानजी को उनके वर्तमान स्थान से विस्थापित नहीं किया जाए। जय श्रीराम के उद्घोषों के बीच संतों, महात्माओं और रामभक्तों ने अपनी आस्था और भावना प्रशासन के समक्ष रखी। सकल हिंदू समाज ने कहा कि उज्जैन केवल एक स्मार्ट सिटी या सिंहस्थ की नगरी ही नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में विकास और आस्था के बीच समन्वय बनाते हुए श्री खड़े हनुमान मंदिर को यथास्थान बनाए रखने के संबंध में सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से प्रभावी निर्देश जारी कर श्री खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को यथास्थान विराजित रखे जाने की मांग की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा, हिंदू समाज के प्रतिनिधि और रामभक्त मौजूद रहे।