उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में बढ़ती वीआईपी संस्कृति और काल भैरव मंदिर में 500 रुपए की सशुल्क दर्शन व्यवस्था के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मोर्चा खोल दिया है। हजारों कार्यकर्ताओं ने महाकाल लोक से शंख द्वार तक शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च निकाला और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर के नाम मंदिर के सहायक प्रशासकों को ज्ञापन सौंपकर वीआईपी व्यवस्था तत्काल बंद करने की मांग की गई।
“वीआईपी व्यवस्था बंद करो” और “जय-जय श्री राम” के जयघोष के साथ बजरंग दल कार्यकर्ता आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने आस्था के नाम पर हो रही कथित लूट पर सवाल उठाते हुए शंख द्वार पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। भीड़ को देखते हुए महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों ने महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जोनवाल और आशीष फुलवाडिया को ज्ञापन सौंपा।
ईश्वर के समक्ष सभी समान
कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन में विहिप ने स्पष्ट किया कि भगवान के सामने सभी भक्त समान हैं, वहां कोई मूल्यवान या मूल्यहीन नहीं होता। मंदिर में किसी भी प्रकार की वीआईपी व्यवस्था आस्था के मूल सिद्धांतों को कमजोर करती है और इससे समाज में विभाजन गहराता है। संगठन ने मांग की है कि अतिशीघ्र वीआईपी व्यवस्था बंद कर क्रमबद्ध दर्शन व्यवस्था लागू की जाए।
ज्ञापन में उठाए गए भ्रष्टाचार और ठगी के प्रमुख मुद्दे:
भस्म आरती टिकटों की कालाबाजारी: मंदिर में भस्म आरती पास के नाम पर श्रद्धालुओं से लगातार ठगी हो रही है। हाल ही में स्टिंग ऑपरेशन में भी इसका खुलासा हुआ है, लेकिन प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार: विकास के नाम पर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। एक ही स्थान की टाइल्स को बार-बार हटाकर पुनः लगाया जा रहा है।
लाइव दर्शन और निर्माण में देरी: शंख द्वार के पास श्रीहरि मंदिर निर्माण और लाइव दर्शन पुनः चालू करने के लिए मंदिर समिति ने दो महीने का समय मांगा था, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी इसे बहाल नहीं किया गया।
विहिप के सह प्रचार-प्रसार प्रमुख राज जोशी ने चेतावनी दी है कि एक आदर्शवादी व्यवस्थापक के अभाव में महाकाल मंदिर की यह स्थिति निर्मित हुई है। यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ और हिंदू मानबिंदुओं पर आघात बंद नहीं हुआ, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
