पहली बार संभल के सामूहिक  68 तीर्थों पर होली खेली, जिलेभर में धारा 163 लागू

संभल।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) इस बार संभल की होली सिर्फ मोहल्लों और चौपालों तक सीमित नहीं रहेगी। हाल में खोजे गए और पुनर्जीवन से जुड़े 68 तीर्थ स्थलों पर पहली बार एक साथ रंगोत्सव मनाने की तैयारी हुई। सामाजिक और धार्मिक संगठनों का दावा है कि यह आयोजन शहर के सांस्कृतिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। उत्सव की व्यापक तैयारियों के बीच प्रशासन ने पूरे जिले में धारा 163 लागू कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
तीर्थों पर रंग और दीपोत्सवनगर हिंदू सभा, तीर्थ परिक्रमा समिति और विभिन्न मंदिर समितियों ने संयुक्त रूप से 68 तीर्थों और 19 प्राचीन कूपों पर विशेष कार्यक्रम तय किए हैं। योजना के तहत सुबह पूजा-अर्चना, दोपहर में गुलाल अर्पण और शाम को दीप प्रज्वलन किया।

आयोजकों का कहना है कि जैसे मथुरा और वृन्दावन में कई दिनों तक होली का उत्सव चलता है, उसी तर्ज पर संभल में भी इस बार रंगोत्सव का विस्तार किया गया। राधा-कृष्ण मंदिरों, प्राचीन कुंडों और अन्य तीर्थ स्थलों पर भजन-संध्या व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए ।

मंदिरों के पुजारियों के अनुसार, तीर्थों के पुनर्जीवन की खुशी को सामूहिक होली के माध्यम से साझा करने का उद्देश्य है।

64 जुलूस, तीन सेक्टर में बंटा जिला

जिला प्रशासन ने 64 जुलूसों को अनुमति दी थी। बेहतर प्रबंधन के लिए जिले को तीन सेक्टर में विभाजित किया गया। 17 थानों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए, जबकि 27 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) चौबीसों घंटे सतर्क रहेंगी।

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया के मुताबिक, आयोजकों और अमन कमेटी के साथ बैठकों में जुलूसों के रूट, समय-सारिणी और आचार-संहिता तय कर ली गई। जुलूस “बॉक्स फॉर्मेट” में निकाले जिनके आगे-पीछे और दोनों ओर पुलिस बल की तैनाती थी, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था की आशंका न रहे।

 

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