कूनो प्रबंधन ने निर्वा की खोज के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें जंगल के अलग-अलग हिस्सों में लगातार गश्त कर रही हैं। वन्यजीव अधिकारियों के मुताबिक, खराब मौसम और बारिश के कारण सैटेलाइट कॉलर आईडी से सिग्नल मिलने में दिक्कत आ रही है। फिलहाल पार्क कर्मियों को केवल बीएचएफ सिग्नल मिल रहे हैं, जिसकी प्रभावी रेंज करीब 500 मीटर तक ही है। घने जंगल में इतनी सीमित रेंज के कारण निर्वा की सटीक स्थिति का पता लगाना टीमों के लिए चुनौती बना हुआ है।
पहले भी 22 दिन तक लापता रही थी निर्वा
निर्वा के निगरानी से बाहर होने का यह पहला मामला नहीं है। जुलाई 2023 में भी उसकी कॉलर आईडी ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद निर्वा लगातार 22 दिनों तक वन विभाग की निगरानी से बाहर रही थी। उस दौरान करीब छह घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित पकड़ा गया था। अधिकारियों के अनुसार निर्वा के नर और मादा शावक अब उससे अलग हो चुके हैं। शावकों के शिकार और खुद जीवनयापन करने में सक्षम होने के बाद उनका मां से अलग होना चीतों के जीवनचक्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है।
निर्वा के बार-बार गायब होने से निगरानी पर सवाल
मादा चीता निर्वा के बार-बार निगरानी से बाहर होने के कारण कूनो नेशनल पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने कूनो में तेंदुओं के शिकार और चीतों को बार-बार बेहोश किए जाने जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर चिंता जताई है। फिलहाल वन विभाग की टीमें निर्वा की तलाश में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और जल्द ही मादा चीता की लोकेशन का पता लगा लिया जाएगा।
