उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) मध्य प्रदेश टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर एवं कमिश्नर से शिष्टाचार भेंट कर वर्तमान परिवहन संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से संबंधित विषयों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया तथा टूरिस्ट बस ऑपरेटरों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यानपूर्वक सुना।
बैठक के दौरान आरटीओ की ओर से कुछ व्यवस्थाओं को लागू करने हेतु एक माह का समय सुझाया गया, किंतु इसे टूरिस्ट बस ऑपरेटरों के लिए अत्यंत अव्यावहारिक एवं कठिन बताया गया। इस विषय पर सहमति नहीं बन सकी। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि इतनी कम अवधि में आवश्यक व्यवस्थाएँ करना संभव नहीं है और इससे यात्रियों व वाहन मालिकों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
एसोसिएशन द्वारा यह भी बताया गया कि प्रस्तावित तकनीकी एवं संरचनात्मक बदलावों को लागू करने में कम से कम 6 से 8 महीने का समय लगेगा। वर्तमान में इतने संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं कि प्रदेश की लगभग 8000 टूरिस्ट बसों में एक साथ परिवर्तन किया जा सके। ऑपरेटरों ने आशंका व्यक्त की कि यदि बिना पर्याप्त समय और तैयारी के ये बदलाव लागू किए गए तो इसका धार्मिक पर्यटन एवं तीर्थ यात्राओं पर गंभीर और नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे यात्रियों के आवागमन में भारी कठिनाइयाँ उत्पन्न होंगी।
कलेक्टर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेने एवं व्यवहारिक समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। साथ ही बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का प्रभावी पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए, जिससे यात्रियों को असुविधा न हो और वाहन मालिकों को भी राहत मिल सके।
इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारीगण
बद्रीलाल परमार, अनिल भासर, सचिन नामदेव, रमेश नाहर, रवि पंडित, भावन कलरा, विपिन श्रीवास्तव सहित अनेक टूरिस्ट बस ऑपरेटर उपस्थित रहे। एसोसिएशन ने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की है कि यात्रियों की सुविधा और पर्यटन परिवहन व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही व्यावहारिक एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।
