संस्कृति रक्षक मंच द्वारा पद्मश्री डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित को संस्कृति संवाहक सम्मान, डॉ.राजपुरोहित का सम्मान करना ऐतिहासिक क्षण है-विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा 

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) उज्जैन का इतिहास गौरवशाली है यहां से कई राजा,महाराजा संत मनीषयों ने दुनिया मे अपने ज्ञान,पराक्रम, शौर्य से उज्जैयनी की कीर्ति पतका को विश्वभर मे फैलाया है। हमारी युवा पीढ़ी व समाजजनों को अपने इतिहास व संस्कृति से जोड़ने का जो प्रयास संस्कृति रक्षक मंच द्वारा हो रहा है वह सराहनीय है।
        यह बात पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित ने संस्कृति रक्षक मंच उज्जैन द्वारा उन्हें प्रदान किये गये संस्कृति संवाहक सम्मान 2026 के प्रतिउत्तर मे सम्बोधित करते हुए कही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी शैलेषानंद गिरी महाराज (जूना अखाडा) ने कहा की संस्कृति रक्षक मंच का यह आयोजन बहुत ऐतिहासिक है क्योंकि हमारी पहचान ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वऱ के साथ ही सम्राट विक्रमादित्य, राजाभोज,मोक्षदायिनी माँ शिप्रा तथा सिंहस्थ महाकुम्भ से है। उज्जैन मे सिंहस्थ महापर्व का आयोजन होता है जिसमे करोड़ो श्रद्धालू आते है ऐसे नगर मे पद्मश्री डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित को सम्मानित करना उन सभी का सम्मान है जो हमारी संस्कृति,सनातन,इतिहास के सरंक्षण के लिए कार्य कर रहे है।
आयोजन के विशेष अतिथि व विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा की डॉ.राजपुरोहित का सम्मान करना ऐतिहासिक क्षण है आपके द्वारा की गई साहित्य की सेवा अतुलनीय है मे आज के सफल आयोजन के लिए मंच के अध्यक्ष शिवेंद्र तिवारी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई एवं साधुवाद देता हूँ। विशेष अतिथि पूर्व आईजी डॉ.रमनसिंह सिकरवार (आईपीएस) ने कहा के संस्कृति रक्षक मंच विगत कई वर्षो से बीना प्रचार प्रसार के समाज मे जो कार्य कर रहा है वह सराहनीय है।अयोध्या मे भगवान श्री राम जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा भी 22 जनवरी को ही हुई थी और इस दिन यह ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है इसलिए मे मंच के अध्यक्ष शिवेंद्र तिवारी को उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूँ।समाजसेवी चिन्मय साहू ने इस अवसर पर कहा की मेरा सौभाग्य है की मे इतने अच्छे और भव्य कार्यक्रम मे सहभागिता कर रहा हूँ संस्कृति रक्षक मंच द्वारा जो कार्य किये जा रहे है उनकी जितनी सराहना की जाये वो कम है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंच के अध्यक्ष पं.शिवेंद्र तिवारी ने कहा की हमारा यह उज्जैन धन्य है जंहा पर डॉ.शिवमंगल सिंह सुमन,राष्ट्र कवि श्रीकृष्ण सरल, पद्मश्री डॉ.केशवराव मुसलगांवकर,पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित जैसो ने अपने कार्यों से उज्जैन के नाम को पुरे देश मे रोशन किया है। आपने कहा की हमारी संस्था आज धन्य हो गई जोकि हमने संस्कृति संवाहक सम्मान 2026 से डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित को सम्मानित किया है।कार्यक्रम के प्रारम्भ मे अतिथियों ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया।संस्था का परिचय डॉ.मयूर अग्रवाल ने व अतिथि परिचय प्रो.आशीष मेहता ने दिया एवं स्वागत भाषण आशुतोष मीणा ने दिया साथ ही सम्मान पत्र का वाचन डॉ.प्रवीण जोशी ने किया। ततपश्चात् अतिथियों ने स्वास्तिक वाचन के मध्य डॉ.राजपुरोहित को संस्कृति संवाहक सम्मान प्रदान किया।
मंच पर अतिथियों के साथ उपस्थित पूर्व महापौर मदनलाल ललावत,पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ.मदनलाल चौहान, पूर्व प्रचार्य डॉ.एल एन वर्मा, अशोक कोटवानी,शिवप्रसाद मालवीय,विजय पटेल का स्वागत सर्वश्री मयूर अग्रवाल,राजेश व्यास,शैलेन्द्रसिंह झाला,मुकेश धाकड़,आशुतोष मीणा,निलेश खोयरे,भूपेन्द्र कहार,जितेंद्र अग्रवाल,नरेश राठौर,संदीप राणा,मिलन चौधरी,मोहन चौहान,दीपक सैनी,मनोज शर्मा,सुनील बारोड़,विशाल शर्मा,निलेश जैन,आशीष प्रजापत,महेन्द्र उपाध्याय, हरिओम तिवारी,राजेन्द्र परब, राम शर्मा,अशोक राठौर,हुकमचंद राय,श्याम पंचोली,चैतन वेद,सुनील नवलानी, हुकुम कौशल,कन्हैयालाल घाटिया, घनश्याम बारोड़,जीवन तिवारी,विजय चौहान,मुकेश रघुवंशी,लखन बड़ोदिया,अनिल पांचाल,वीरेंद्र उपाध्याय आदि ने किया।कार्यक्रम का संचालन मुकेश धाकड़ ने किया एवं आभार महेश साहू ने माना एवं अंत मे श्री कैलाश मानसरोवर की मुक्ति एवं धार की भोजशाला मे माँ सरस्वती की प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा किये जाने को लेकर संकल्प लिया गया।

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