उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) महाकाल मंदिर के एक पुजारी प्रतिनिधि द्वारा स्वयं की दुकान महाकाल सेना के नाम से आये दिन प्रेस नोट जारी कर अखाड़ों, साधु सन्तो, महामंडलेश्वर के विरुद्ध अनर्गल बातें कर संतों की मर्यादा के साथ खिलवाड़ किया जाता रहा है, ऐसे में अखिल भारतीय आखड़ा परिषद ने महाकाल सेना के नाम से 2 दिन पूर्व जारी हुए एक प्रेस नोट जिसमें यह कहा गया कि गर्भ ग्रह में साधु संतों का भी प्रवेश बंद होना चाहिए, ऐसे में अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद प्रशासन से मांग करता है कि महाकाल मंदिर में केवल शासन द्वारा नियुक्त मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के अलावा सभी पुजारी, प्रतिनिधियों का गर्भ में प्रवेश तत्काल बंद किया जाए क्योंकि बड़ी संख्या में प्रतिनिधि होने से गर्भ गृह की मर्यादा भंग होने के साथ ही अव्यवस्था फैलती है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित जिला प्रशासन और महाकाल मंदिर प्रशासक से मांग कि है कि सभी पुजारी के जो प्रतिनिधि नियुक्त हैं उनकी संख्या कितनी है इसकी लिखित जानकारी से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को अवगत करावे साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में केवल मुख्य पुजारी द्वारा ही पूजन आदि किया जाए पुजारी प्रतिनिधियों का एक्ट में कोई लिखित प्रावधान नहीं है।
संत से विवाद में 15 दिन निलंबित रह चुके पुजारी प्रतिनिधि
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों से ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री महावीर नाथ जी महाराज के साथ अभद्रता करने के मामले में मंदिर प्रशासन ने महेश शर्मा उर्फ महेश पुजारी को 15 दिन के लिए निलंबित किया था, साथ ही लिखित में उन्हें ताकीद किया था कि वह आगे से महाकाल मंदिर की मर्यादा और परंपराओं का ध्यान रखेंगे एवं मंदिर को लेकर कोई अनर्गल बयान बाजी जारी नहीं करेंगे इसके विपरीत उनके द्वारा आए दिन इस प्रकार की बयान बाजी जारी करना उनके उस कृत्य को पुनः दोहरातः प्रतीत होता है।
