उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) सरकार द्वारा सिंहस्थ 2028 को देखते हुए कई मार्गो का चौड़ी करण किया जा रहा है जिससे सिंहस्थ में करोड़ों भक्तों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी, लेकिन चौड़ीकरण में अधिकारी वर्ग द्वारा भेदभाव किया जा रहा है जो नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है, साथ ही यह भी विदित हुआ है कि आश्रमो और अखाड़ों के अवैध अतिक्रमण छोड़कर मंदिरों और कृषकों की जमीनो पर चौड़ीकरण के निशान लगाए जा रहें हैं जो भेदभाव की श्रेणी में आते हैं।
अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने इस आशय का एक पत्र मुख्यमंत्री को भेजा हैं। पत्र में मुख्यमंत्री से निवेदन किया हैं कि पुजारी महासंघ उज्जैन में हो रहे विकास के पक्ष मे हैं लेकिन सिंहस्थ क्षेत्र में साधु संतों द्वारा जो आश्रम और मठ बनाए है उसमें अधिकतर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर निर्मित किए हैं। इसकी जांच की जाए साथ सिंहस्थ क्षेत्र में मार्ग चौड़ीकरण का जो माप दंड है उसमें कुछ कमी है क्योंकि चौड़ीकरण के मापदंड अनुसार सड़क के बीचों बीच से दोनों ओर नपती की जाती है लेकिन बड़नगर रोड और रणजीत हनुमान रोड पर सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि पर चौड़ीकरण में किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है जहां अखाड़े और महामंडलेश्वर के आश्रम है उन्हें छोड़कर किसानों की अधिक भूमि की नपती की जा रही है जो अनुचित हैं ऐसा भेदभाव पूर्ण व्यवहार अधिकारियों द्वारा क्यों किया जा रहा है? यह समझ से परे है। चौड़ीकरण में एक ओर वैध भूमि कृषकों की ली जा रहें है और दुसरी ओर सरकारी भूमि जिस पर अतिक्रमण कर मठ, अखाड़े निर्मित किए गए उसे छोड़ा जा रहा हैं ऐसा नहीं होना चाहिए,दोनों ओर से नपती सामान रूप से की जावे जिससे कोई भेदभाव नहीं हो।
सांकेतिक चित्र-
