मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों की नहीं है। 3 जनवरी से एक बार फिर ठंड तीखा रूप लेगी। गुरुवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में दिनभर बादल छाए रहे। दतिया में हालात ऐसे रहे कि घना कोहरा विजिबिलिटी को घटाकर महज 50 मीटर तक ले आया। इसके अलावा खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, दमोह और गुना समेत कई जिलों में कोहरे का असर दर्ज किया गया। आज भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं, हालांकि ठंड की धार फिलहाल उतनी तेज नहीं है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों जैसे मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाएगा। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर भी बढ़ेगा।
घने कोहरे का असर जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें लगातार देरी से पहुंच रही हैं। कुछ ट्रेनें तो 8 से 10 घंटे तक लेट चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नए साल में सबसे ज्यादा ठंड पचमढ़ी में दर्ज की गई, जहां रात का तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 6.4 डिग्री रहा। इसके अलावा शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, राजगढ़, नौगांव, उमरिया, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, दतिया, नरसिंहपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा और इंदौर जैसे शहरों में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
इस सीजन में मध्यप्रदेश की सर्दी पहले ही रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जनवरी में भी हालात कुछ ऐसे ही बने रहेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रदेश में माइनस लेवल की ठंड की स्थिति बन चुकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में शीतलहर, कोल्ड डे और घना कोहरा आम रहेगा।
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