दूषित पानी  के कारण फैली बीमारी ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी; अस्पतालों को मुफ्त इलाज के निर्देश

इंदौर।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी  के कारण फैली बीमारी ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

24 घंटे मेडिकल टीम की तैनाती
मंत्री विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा में बताया कि क्षेत्र के निवासियों की सुरक्षा के लिए 24/7 (चौबीसों घंटे) डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही दवाओं का पर्याप्त स्टॉक भी सुनिश्चित किया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके।

निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश: इलाज का न लें कोई खर्च
प्रभावितों को राहत देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है:

  • क्षेत्र के आसपास के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को सूचित किया गया है कि भागीरथपुरा के किसी भी मरीज से इलाज का कोई शुल्क न लिया जाए।
  • मरीजों के उपचार का पूरा विवरण प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता हर नागरिक की जान बचाना है।
  • बीमारी की जड़ तलाशने के लिए जांच तेज
    पानी के दूषित होने के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है:

    • पानी की शुद्धता जांचने के लिए अब तक 70 से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं।
    • मुख्य पानी की टंकी से लेकर सप्लाई लाइन तक हर स्तर पर क्लोरीन के स्तर की जांच की जा रही है।
    • पुलिस चौकी के पास स्थित एक नाले की खुदाई कर वहां से भी नमूने लिए गए हैं ताकि लीकेज या प्रदूषण के स्रोत का पता लगाया जा सके।
    • मंत्री को उम्मीद है कि आज रात तक तकनीकी टीम इस ‘लूपहोल’ (गड़बड़ी) को पूरी तरह ट्रेस कर लेगी।

    मौतों का आंकड़ा और वर्तमान स्थिति
    क्षेत्र में हुई मौतों के संबंध में पूछे जाने पर कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अब तक 2 से 3 लोगों की मृत्यु की सूचना है। उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि वे पहले से बीमार थे और उम्र अधिक होने के कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की वजह से उनकी स्थिति बिगड़ गई थी।

    दोषियों पर कार्रवाई को लेकर रुख
    जब उनसे लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या दोषियों पर कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल सारा ध्यान लोगों के स्वास्थ्य और बीमारी को रोकने पर है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बारे में बाद में विचार किया जाएगा, अभी प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित करना है।

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