उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) सोशल मीडिया पर विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के प्रोटोकॉल दर्शन के कारण श्री महाकालेश्वर मंदिर को 29 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का दावा करने वाली खबर को मंदिर प्रबंध समिति ने पूरी तरह भ्रामक बताया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रोटोकॉल दर्शनार्थियों की संख्या से संबंधित कोई भी आंकड़े उनकी ओर से जारी नहीं किए गए हैं।
वायरल आंकड़े पूरी तरह अप्रमाणिक
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने अपने मीडिया एवं जनसंपर्क समूह में आधिकारिक संदेश जारी कर बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी का कोई आधार नहीं है और यह पूरी तरह अप्रमाणिक है। समिति का इन आंकड़ों से कोई संबंध नहीं है। प्रबंध समिति ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों व अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
विहिप की छवि धूमिल करने की साजिश
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रचार-प्रसार प्रमुख राज जोशी ने बताया कि बिना किसी आधिकारिक स्रोत के भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत कर संगठन की प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। इस झूठी खबर से सनातन समाज और कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। विहिप लंबे समय से धर्म, संस्कार और समाज जागरण के लिए समर्पित है। बिना प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना अनुचित है और यह सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करता है।
भ्रामक खबर फैलाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
मंदिर समिति के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि कथित राजस्व हानि के आंकड़ों का कोई अस्तित्व नहीं है। विहिप पदाधिकारियों ने झूठी और भ्रामक जानकारी प्रसारित कर समाज में भ्रम फैलाने वाले व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मीडिया जगत से भी अपेक्षा की गई है कि किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पूर्व उसकी तथ्यात्मक पुष्टि अवश्य की जाए।
