उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत जिला और जनपद पंचायतों में कार्यरत संविदा अधिकारी, कर्मचारी और उपयंत्रियों ने लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर जिले के समस्त मनरेगा तकनीकी अमले और कर्मचारियों ने 16 अप्रैल 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक दो दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने का ज्ञापन सौंपा है।
आठ माह से उपयंत्रियों का पारिश्रमिक लंबित, आर्थिक संकट गहराया
मनरेगा अभियंता संघ मध्यप्रदेश की ओर से जिला पंचायत उज्जैन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के अनुसार जनपद पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत पदस्थ उपयंत्रियों को विगत 8 माह से मासिक पारिश्रमिक प्राप्त नहीं हुआ है। वेतन न मिलने के कारण सभी उपयंत्रियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार के दैनिक जीवन यापन, बच्चों की स्कूल फीस और स्वास्थ्य उपचार जैसे आवश्यक व्ययों की पूर्ति करने में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक अस्थिरता के कारण मानसिक तनाव भी निर्मित हो रहा है जिससे कार्य क्षमता प्रभावित हो रही है।
उपयंत्रियों ने बताया कि वेतन न मिलने के बावजूद उन्होंने जलगंगा संवर्धन योजना में जिले को प्रदेश में उच्चतम स्थानों पर रखने के लिए निरंतर प्रयास किए और एक बगिया माँ के नाम जैसी शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना में भी सतत कार्य किया है। ज्ञापन सौंपने वाले जिले के क्षेत्रीय समन्वयक और प्रमुख उपयंत्रियों में इंजी. गजेन्द्र कुमार कठाने, इंजी. शेख सिद्दीक कुरैशी, इंजी. सुमित प्रताप सिंह, इंजी. अनिल पांडे, इंजी. विनय जायसवाल, इंजी. कुंदन मुकाती और इंजी. आर.डी. किरार शामिल हैं। प्रांतीय स्तर पर इस संघ का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष इंजी. सतीश समेले, उपाध्यक्ष इंजी. राघवेन्द्र शर्मा और सचिव इंजी. अनुराग राजपुत कर रहे हैं।
अधिकारी-कर्मचारी संघ का चार माह का वेतन बकाया, दी आंदोलन की चेतावनी
इसी क्रम में रोजगार गारंटी अधिकारी एवं कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश ने भी मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम जिला पंचायत कार्यालय में ज्ञापन प्रस्तुत किया है। संघ के अनुसार मनरेगा के तहत कार्यरत संविदा अधिकारी और कर्मचारियों का माह दिसम्बर 2025 तथा जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 का वेतन पूर्णतः लंबित है। वर्तमान में पांचवा माह अप्रैल भी बिना वेतन के कार्य करते हुए बीत रहा है।
संघ ने 15 अप्रैल 2026 को दिए गए इस ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि वेतन भुगतान में हो रहे विलंब के कारण कर्मचारियों को पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पूर्व 20 फरवरी 2026 को भी संघ द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसका आज दिनांक तक कोई उचित निराकरण नहीं किया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि वेतन भुगतान संबंधी समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं होता है, तो आगामी समय में संगठन को बड़े आंदोलन की ओर बाध्य होना पड़ेगा।
