पूरे मामले की जानकारी देते हुए बजरंग दल महानगर जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने बताया कि सूचना मिली थी कि पुणे निवासी सरफराज, पिता ताज शेख, एक हिंदू युवती को लेकर उज्जैन आया हुआ है, जो अपनी पहचान छुपाकर महाकाल मंदिर में दर्शन करने जाने वाला है. इस सूचना के बाद हमारे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की टीम ने चलित भस्म आरती के दौरान सरफराज को पहचान लिया, जिसने अपनी पहचान छुपा रखी थी.
सरफराज ने अपने माथे पर बाबा महाकाल का तिलक और गले में रुद्राक्ष की माला पहनी थी. साथ ही वह ऐसा बताने की कोशिश कर रहा था, मानो वह हिंदू धर्म से ही हो. हमने तुरंत उसे दर्शन की लाइन से बाहर निकाला और जब उससे पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम बता दिया. युवक को महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
याद रहे कि चलित भस्म आरती के दौरान न तो किसी श्रद्धालु के आधार कार्ड चेक किए जाते हैं और न ही अन्य किसी पहचान पत्र की जांच की जाती है. यही कारण था कि सरफराज चलित भस्म आरती के माध्यम से दर्शन करने पहुंचा था.
वैसे तो महाकालेश्वर मंदिर में किसी अन्य धर्म के व्यक्ति द्वारा बाबा महाकाल के दर्शन करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियम यह जरूर कहते हैं कि जो भी व्यक्ति बाबा महाकाल के दर्शन करने आए, कम से कम वह अपनी पहचान न छुपाए. आज सुबह सरफराज चलित भस्म आरती की लाइन में पहुंचा था, लेकिन उसने अपनी पहचान छुपा ली थी. इस प्रकार अपनी पहचान छुपाकर मंदिर में पहुंचना और दर्शन करना गलत है.
बजरंग दल द्वारा सरफराज को पकड़कर महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जिसके बाद पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी हुई है कि सरफराज आखिर किस लड़की को पुणे से अपने साथ लेकर आया है, वह पहचान छुपाकर बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने क्यों आया था, आखिर पहचान छुपाने के पीछे उसका मकसद क्या था, और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है. पुलिस इन सभी तथ्यों की जांच में जुटी हुई है.
