संघ का मूल कार्य व्यक्ति और संस्कार निर्माण है, पंच परिवर्तन के सूत्रों से राष्ट्र को नई दिशा देगा संघ: आलोक कुमार

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प के तहत आयोजित तीन दिवसीय डॉ. हेडगेवार स्मृति व्याख्यानमाला-2026 का रविवार रात समापन हो गया। नीलगंगा रोड स्थित लोकमान्य तिलक विद्यालय में आयोजित समापन समारोह में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ– नए क्षितिज’ विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार ने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सनदी लेखाकार अजय कुमार जैन ने की।
आलोक कुमार ने कहा कि संघ का मूल कार्य व्यक्ति और संस्कार निर्माण है। शाखाओं के जरिए स्वयंसेवकों में देशभक्ति, अनुशासन, सेवा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जगाया जाता है। संघ का उद्देश्य सिर्फ संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाना है। परम वैभव से आशय ऐसे राष्ट्र से है जहां हर नागरिक को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मिले, साथ ही देश की रक्षा, अर्थव्यवस्था और विज्ञान भी सशक्त हो।
समाज शक्ति में है संघ का विश्वास
आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि देश में परिवर्तन केवल राजनीति से नहीं, बल्कि जागृत और संगठित समाज से ही संभव है। संघ चाहता है कि स्वयंसेवकों जैसा अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव आम नागरिकों में भी विकसित हो। किसी भी संकट या राष्ट्रीय अवसर पर समाज खुद आगे बढ़कर राष्ट्रहित में काम करे।
शताब्दी वर्ष में पांच विषयों पर कार्य का संकल्प
उन्होंने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर संगठन ने अगले 15-20 वर्षों के लिए समाज जीवन से जुड़े पांच प्रमुख विषयों– नागरिक अनुशासन, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण और ‘स्व’ का बोध पर व्यापक कार्य करने का निर्णय लिया है। शताब्दी वर्ष में संघ देशभर में व्यापक गृह संपर्क अभियान चला रहा है। इसके तहत करोड़ों परिवारों के साथ-साथ प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायविदों और उद्योगपतियों से भी संवाद स्थापित किया जा रहा है।
सबसे सशक्त अवस्था में है भारत
उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष और आक्रमणों के दौर से निकलकर आज भारत विश्व के सबसे सशक्त देशों में अपना स्थान बना चुका है। खाद्यान्न, आधारभूत संरचना, सड़क और आवास सहित अन्य सुविधाओं में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आने वाले समय में समाज शक्ति के सहयोग से यह यात्रा और तेज होगी।
व्याख्यानमाला में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति और नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में वक्ता का परिचय डॉ. राजश्री जोशी ने कराया। अतिथियों का स्वागत मनु गोराहा एवं रामजी शर्मा ने अंगवस्त्र भेंट कर किया। गीत प्रस्तुति देवेश पांडे ने दी।

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