राष्ट्रीय क्रांतिवीर अलंकरण से गौरवान्वित हुए पद्मश्री सुशील दोषी, क्रिकेट कमेन्ट्री को भारतीय पहचान प्रदान करने हेतु दीर्घकालिक कार्यों का सम्मान

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) संस्कार, समर्पण और सांस्कृतिक चेतना के समन्वय से आलोकित 28वें रामचंद्र रघुवंशी काका जी स्मृति राष्ट्रीय समारोह में हिंदी भाषा में क्रिकेट कमेन्ट्री के पुरोधा एवं हिंदी जगत के प्रख्यात हस्ताक्षर पद्मश्री सुशील दोषी को राष्ट्रीय क्रांतिवीर अवार्ड से विभूषित किया गया। यह अलंकरण उनके द्वारा क्रिकेट कमेन्ट्री को भारतीय पहचान प्रदान करने हेतु किए गए दीर्घकालिक कार्यों का सम्मान है।

समारोह का आरंभ राष्ट्रभाव से अनुप्राणित देशभक्ति गीतों के मधुर गायन से हुआ, जिसकी प्रस्तुति डॉ. अनामिका शर्मा एवं अमित शर्मा ने की। तत्पश्चात डॉ. प्रकाश रघुवंशी ने अपने स्वागत उद्बोधन में न केवल इस अलंकरण की स्थापना के मूल उद्देश्यों का विवेचन किया, अपितु काका जी के व्यक्तित्व की प्रेरणास्पद छवि को भी उपस्थित जनसमूह के समक्ष सजीव कर दिया। दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ समारोह की औपचारिक गरिमा को अभिव्यक्ति मिली।
कार्यक्रम की सांस्कृतिक श्रृंखला में सेवाधाम के बच्चों द्वारा प्रस्तुत योगाभ्यास ने अनुशासन एवं संतुलन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं, नृत्य गुरु पद्मजा रघुवंशी के मार्गदर्शन व प्रतिभा रघुवंशी के निर्देशन में उनके शिष्यों ने शिव-स्तुति की, भावपूर्ण प्रस्तुति ने आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया। इसी क्रम में सुधीर भाई गोयल ने काका जी के जीवन-दर्शन को मूल्यपरक दृष्टि से वर्णित किया, जबकि डॉ. शैलेंद्र पाराशर द्वारा प्रशस्ति-पत्र का वाचन किया गया। उज्जैन प्रेस क्लब के अध्यक्ष नंदलाल यादव ने सुशील दोषी को औपचारिक रूप से अलंकृत किया।
समारोह में जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षाविदों की विशिष्ट उपस्थिति रही, जिनमें सांसद अनिल फिरोजिया, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अर्पण भारद्वाज, इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. नागेश्वर राव, प्रेमचंद पीठ के निदेशक मुकेश जोशी, मनोहर बैरागी, कलावती यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व सम्मिलित थे।
अपने उद्बोधन में सुशील दोषी ने अत्यंत भावुकता के साथ कहा कि इस समारोह में उन्होंने पितृभक्ति की जीवंत परंपरा का साक्षात्कार किया है। उन्होंने अपनी उपलब्धियों का समस्त श्रेय अपने पिताश्री के संस्कारों, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद को समर्पित करते हुए इसे अपने जीवन की वास्तविक पूंजी बताया। उन्होंने उज्जैन की आत्मीयता एवं सांस्कृतिक गरिमा की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अंतत:, अतिथियों का स्वागत समिति के सदस्यों—शौरिन पटेल, नियति पटेल, देवराज रघुवंशी, ओमप्रकाश खत्री, सोनू गहलोत, मनोज सक्सेना एवं उमंग पाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनामिका शर्मा ने किया। सतीश सामदानी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर समारोह का समापन किया।

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