नगर पूजा को हुए एक दशक पूर्ण , नगरवासियों की सुख-समृद्धि के लिए माता को लगा मदिरा का भोग

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी पर साधू संतो द्वारा निकाली जाने वाली पूजा नगर  सिहस्थ 2016 से प्रारंभ हुई थी, इस नगर पूजा को एक दशक पूर्ण हो चूका हैं,  नगरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना के साथ चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी पर श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली पारंपरिक नगर पूजा का निर्वहन किया गया। गुरुवार प्रातः 8 बजे चौबीस खंबा स्थित माता महामाया और महालाया माता को चांदी के विशेष पात्र से मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा प्रारंभ हुई।
इस नगर पूजा में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव, मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज सहित अन्य संत, महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए। यात्रा के दौरान नासिक त्र्यंबकेश्वर के महंत धनंजय गिरी महाराज ने पूरे मार्ग के मंदिरों में चोला चढ़ाया। 28 किलोमीटर लंबे इस यात्रा मार्ग में कोटवार एक हांडी में मदिरा की धार लेकर चलते हैं। रास्ते में आने वाले प्रमुख देवी और भैरव मंदिरों में नए ध्वज और चोला चढ़ाकर मदिरा एवं पूजन सामग्री का भोग लगाया गया। बैंड-बाजों के साथ माता के जयकारे लगाते हुए भक्तों की यह यात्रा अंकपात मार्ग स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर पर संपन्न हुई।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रबंधक द्वय डॉ. राहुल कटारिया और डॉ. गोविंद सोलंकी ने बताया कि उज्जैन वासियों की सुख-समृद्धि के लिए निरंजनी अखाड़े द्वारा इस प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान भी महंत रविंद्र पुरी महाराज ने हरिद्वार से आकर इस परंपरा को निभाया था। नगर पूजा के लिए निरंजनी अखाड़े से जुड़े कई महामंडलेश्वर और पदाधिकारी हरिद्वार सहित अन्य स्थानों से उज्जैन आए हैं।

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