नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बताया है कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को 306 किलोमीटर का बनाया जाएगा. इस कॉरिडोर में दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जाएंगे. एक बैंगलुरु के बाईअपन्नाहल्ली में बनेगा तो दूसरा व्हाइटफील्ड में बनाया जाएगा. इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जरूरी सर्वे भी पूरा किया जा चुका है और अलाइनमेंट जल्द ही फाइनल हो जाएगा. इस कॉरिडोर पर अंडरग्राउंड ट्रैक बनाए जाने के साथ ही कई स्टेशन भी बनाए जाएंगे. अभी दोनों शहरों के बीच सफर करने में करीब 5 घंटे लग जाते हैं, जबकि नए रेलवे ट्रैक से यह सफर सिर्फ 1 घंटे या उससे भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा.
बैंगलुरु-चेन्नई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में 8 स्टेशन बनाए जाएंगे. यह स्टेशन चेन्नई सेंट्रल, पोनामल्ली, परंदुर, चित्तूर, कोलार, कोडिहल्ली, व्हाइटफील्ड और बाईअप्पनाहल्ली में बनेंगे. इसमें से परंदुर के पास चेन्नई का दूसरा एयरपोर्ट भी बनाया जाना है, जबकि कोडिहल्ली के पास कोसकोटि में बुलेट ट्रेन का मेंटेनेंस डिपो बनाया जाएगा. इस तरह, देखा जाए तो बुलेट ट्रेन के इस रूट पर 8 स्टॉपेज बनाए जाएंगे, जहां से यात्री ट्रेन पकड़ सकेंगे या फिर उनका स्टॉपेज होगा.
इस कॉरिडोर को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, जिस पर परिचालन स्पीड 320 किलोमीटर होगी. हालांकि, इस ट्रैक पर औसत स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है. फिलहाल इस कॉरिडोर को बनाने के लिए 4 रूट पर विचार किया जा रहा है. इसमें से जो भी सबसे छोटा और किफायती रूट होगा, उसे फाइनल किया जाएगा. यह भी देखना होगा कि इस रूट से आसपास के ज्यादा लोगों को फायदा मिल सके.
306 किलोमीटर का पूरा ट्रैक एलिवेटेड होगा, बस तीन सेक्शन ऐसे होंगे जहां पर अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाएगा. यह टनल सेक्शन चेन्नई सिटी में 2.5 किलोमीटर का बनेगा, जबकि आंध्र प्रदेश के मोगिली घाट सेक्शन (चित्तूर) में 11.5 किलोमीटर का अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाएगा. तीसरा बैंगलुरु सिटी में बनेगा, जो करीब 12 किलोमीटर का होगा. इस तरह देखा जाए तो कुल मिलाकर 26 किलोमीटर का ट्रैक अंडरग्राउंड होगा.
