टीनशेड में बैठा था परिवार
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच अचानक तेज आंधी चली। उस समय सूसवाड़ा गांव में एक परिवार के सदस्य भीमा आदिवासी, रिंकू आदिवासी, सीमा आदिवासी और राजवती आदिवासी अपने टीनशेड के नीचे बैठे हुए थे। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि टीनशेड की लोहे की चादरें उखड़ गईं और पूरी दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ी।
मलबे में दबने से भीमा आदिवासी, सीमा आदिवासी और राजवती आदिवासी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रिंकू आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही हादसे के कारणों और नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
