उन्होंने कहा कि शहर में जबरन वसूली भी काफी बढ़ गई है। लोगों से डराकर पैसे लिए जा रहे हैं। आम लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। पाटिल ने कहा, अगर ठीक से जांच की जाए तो नांदेड़ में 1500 से 2000 तक अवैध पिस्तौल मिल सकती हैं। यह लोगों को कानून का कोई डर नहीं है, जिससे अपराध बढ़ रहे हैं।
शिवसेना एमएलसी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब सोमवार को शिवसेना के एक 35 साल के कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा, दो गिरोहों के बीच झगड़े में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, वजीराबाद थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
पाटिल ने कहा, नांदेड़ तेलंगाना और कर्नाटक की सीमा के पास है। अपराध करने के बाद आरोपी आसानी से इन राज्यों में भाग जाते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा, पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। उनसे जबरन पैसे लिए जाते हैं। उनके लैपटॉप और मोबाइल फोन छीन लिए जाते हैं। उनके साथ मारपीट की जाती है।
उन्होंने मांग की कि नांदेड़ में जल्द से जल्द पुलिस आयुक्तालय बनाया जाए, ताकि कानून व्यवस्था को बेहतर किया जा सके। पाटिल ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में व्यापारियों से सैकड़ों करोड़ रुपये वसूले गए हैं। डर के कारण कई व्यापारी शहर छोड़कर जा चुके हैं। शिवेसना नेता ने कहा, सभी नेताओं को सख्त कदम उठाने चाहिए। किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देना चाहिए, चाहे उसका राजनीतिक संबंध कुछ भी हो।
