श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति में नाथ संप्रदाय एवं संत समाज को प्रतिनिधित्व दें – योगी पीर श्री रामनाथ 

उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी)  उज्जैन में नाथ संप्रदाय के प्रमुख केंद्र भर्तृहरि गुफा के पीठाधीश्वर गादीपति योगी पीर महंत श्री रामनाथ जी महाराज ने उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में कार्यरत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति में संत समाज एवं नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधित्व की मांग की है। इस मांग का पत्र आपने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ एवं मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखा है। इस आशय के पत्र की प्रति केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह एवं अमित शाह को भी भेजी गई है।
योगी पीर महंत श्री रामनाथ जी महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में महाकालेश्वर का मंदिर शैव परंपरा एवं संत समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। गुरु श्री गोरखनाथ जी के आदेश से नाथ संप्रदाय का भगवान महाकाल से अत्यंत प्राचीन एवं गहरा आध्यात्मिक संबंध रहा है। नाथ संप्रदाय सदैव से ही भगवान महाकाल की उपासना, साधना एवं सनातन धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करता आया है। वर्तमान में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति में विभिन्न शासकीय एवं शासकीय सदस्यों को शासन-प्रशासन के द्वारा नियुक्त किया जाता है। लेकिन आज तक संत समाज या विशेष रूप से नाथ संप्रदाय को समिति ने प्रतिनिधित्व प्रदान नहीं किया गया। जबकि मंदिर में प्राचीन धार्मिक परंपराओं, साधु-संतों की व्यवस्थाएं, सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु संत समाज का प्रतिनिधि होना अत्यंत आवश्यक प्रतीत होता है। वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व होना है जिसमें देशभर से विभिन्न अखाड़ों,  संप्रदायों एवं संत परंपराओं से जुड़े साधु-संतों का उज्जैन आगमन होगा एवं महाकाल मंदिर में भी साधु-संत दर्शन-पूजन के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में मंदिर प्रबंध समिति में संत समाज एवं नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधि के होने से साधु-संतों के समन्वय, दर्शन व्यवस्था, धार्मिक परम्पराओं के अनुरूप व्यवस्थाओं को और अधिक सुचारू रूप से बनाया जा सकेगा। इस बात को दृष्टिगत रखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति में संत समाज एवं नाथ संप्रदाय से प्रतिनिधि नियुक्त किया जाए। 
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