उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) श्री महाकाल महालोक बनने के बाद शहर में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या के साथ ही ई-रिक्शा और ऑटो की तादाद में भारी वृद्धि हुई है। इनके बेलगाम संचालन और शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था के विरोध में मप्र युवा शिव सेना गौ रक्षा न्यास ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगाम लगाने की मांग की है।
शिफ्ट के नियमों का नहीं हो रहा पालन
पूर्व में आरटीओ ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ई-रिक्शा के रूट तय किए थे। बाद में लाल और पीली पट्टी के लोगो के साथ 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में संचालन का अनुबंध हुआ था। लेकिन आरटीओ, यातायात पुलिस और ई-रिक्शा संचालक इस अनुबंध का पालन नहीं कर रहे हैं। शहर में महाकुंभ के दृष्टिगत कई मार्गों का चौड़ीकरण चल रहा है, ऐसे में ई-रिक्शा की भारी संख्या के कारण मुख्य चौराहों से लेकर छोटी गलियों तक में भीषण जाम लग रहा है। इसका सीधा असर आम जनमानस और दर्शनार्थियों पर पड़ रहा है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में रहता है भारी दबाव
संगठन के अनुसार शहर के देवास गेट, रेलवे स्टेशन, माल गोदाम, गधा पुलिया, जयसिंहपुरा, महाकाल लोक, चार धाम मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, राम मंदिर, नरसिंह घाट मार्ग, पटनी बाजार, गुदरी, लोहे का पुल, बेगम बाग, गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट, हरि फाटक ओवर ब्रिज, नानाखेड़ा, अंकपात, आगर नाका, कोयला फाटक, व्यायामशाला की गली, बोहरा बाखल, एटलस चौराहा, मालीपुरा और दौलतगंज सहित आसपास के मार्गों को ई-रिक्शा चालकों ने जाम की स्थिति में तब्दील कर दिया है।
श्रद्धालुओं से मनमाना किराया और कमीशनखोरी
चालकों द्वारा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। इसके अलावा होटल, चाय-नाश्ता और टैक्सी संचालकों से कमीशन के आधार पर काम किया जा रहा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि संगठन का उद्देश्य किसी के रोजगार को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि आरटीओ द्वारा तय 12 घंटे की शिफ्ट का सख्ती से पालन कराना है ताकि शहरवासियों को रोज-रोज के जाम से राहत मिल सके।
नाबालिग चालक और पुलिस वेरिफिकेशन की सख्त आवश्यकता
कई ई-रिक्शा चालक नाबालिग और नशे के आदी हैं। इनका पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन नहीं हुआ है, जिससे इनमें आपराधिक तत्वों के शामिल होने की पूरी संभावना है। विगत दिनों एक ऑटो चालक द्वारा दुष्कर्म कर शव फेंकने का गंभीर मामला भी प्रकाश में आ चुका है। ऐसे में एसपी से मांग की गई है कि विशेष अभियान चलाकर सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाया जाए और यातायात सुगम बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए।
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