पश्चिम बंगाल में पूर्व वायु सैनिक की हत्या पर उज्जैन में आक्रोश, ममता व अभिषेक बनर्जी पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप

​उज्जैन।(स्वदेश mp न्यूज़… राजेश सिंह भदौरिया बंटी) पश्चिम बंगाल में पूर्व वायु सैनिक चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या के विरोध में उज्जैन संभाग पूर्व सैनिक कल्याण संगठन ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने 11 मई को भारत के राष्ट्रपति के नाम एक पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर इस हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। पूर्व सैनिकों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

​संगठन के अध्यक्ष सूबेदार कमल किशोर सोनी (सेवानिवृत्त) ने बताया कि 6 मई 2026 की देर रात पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में पूर्व वायु सैनिक चंद्रनाथ रथ की टीएमसी के गुंडों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सेवानिवृत्त होने के बाद रथ वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। पूर्व सैनिकों का आरोप है कि चुनावी हार से बौखलाकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के इशारे पर गुंडों को सुपारी देकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

इनसे की गई कार्रवाई की अपील

संगठन द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।

कठोर धाराओं में मुकदमा और टीएमसी की मान्यता रद्द करने की मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि हत्यारों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 301, 61 और 3 के तहत प्रकरण दर्ज कर कठोरतम दंड दिया जाए। साथ ही चुनाव आयोग से मांग की गई है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक मान्यता तुरंत समाप्त की जाए।

देश के भीतर भी जारी रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’

पूर्व सैनिकों ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि जिस प्रकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में वायु सेना ने शौर्य दिखाते हुए आतंकियों से बदला लिया, उसी प्रकार देश के भीतर भी पूर्व सैनिकों के हत्यारों के खिलाफ यह ऑपरेशन निरंतर जारी रहना चाहिए। यदि एक पूर्व सैनिक की हत्या पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो देशभर के पूर्व सैनिक अपने सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

इन पदाधिकारियों व सदस्यों ने जताया विरोध

इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष कमल किशोर सोनी, उपाध्यक्ष मुकेश कुमार मोयल, सचिव रविप्रताप सिंह भदौरिया, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार तोमर, संयुक्त सचिव सवाई सिंह शेखावत, सदस्य शैलेन्द्र सिंह डोडिया, एस.एन. श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी प्रशांत निगम सहित कार्यकारिणी सदस्य प्रकाश गोडबोले, मुकेशचन्द्र सोनी, जगदेव सिंह चावड़ा, बनेसिंह मालवीय, सुरेश सिंह बैस, दीपेन्द्र कुमार सैनी, वाड कौस्तुभ, योगेश कुमार राठौर, अमर लाल डोडिया, बृजकुमार तिवारी, खगेंद्रसिंह जादोन, दिलीपसिंह ठाकुर, विजय पाल, जितेन्द्र सिंह राजावत, नितेश साकरोदिया, मुकेश नायक, सुरेश नागर, धर्मेन्द्र गोठी, महेन्द्र कुमार अमृतिया एवं लाखनसिंह जादौन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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