रिजिजू पटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वह विपक्ष के आरोप पर जवाब दे रहे थे। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने इसलिए लोकसभा का सामना नहीं किया, क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का डर था। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब में चीन के साथ झड़पों का हवाला दिया था।
रिजिजू ने क्या दावा किया है?
रिजिजू ने कहा, मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम किसी से नहीं डरते। हम सत्ता में हैं। हम सदन में मार्शल बुलाकर अपने विरोधियों को आसानी से चुप करा सकते थे। लेकिन हम इस तरह के अलोकतांत्रिक व्यवहार में भरोसा नहीं करते। इसलिए, शुरुआत में हमने विपक्ष को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश की। लेकिन जब 40-50 सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में घुस गए और उन्होंने अनाप-शनाप कहा, तो हमने अपना निर्णय बदल दिया। हमें एहसास हुआ कि वे झगड़ा करने के लिए उतावले हैं और बेहतर यही होगा कि प्रधानमंत्री सदन में न आएं।
मंत्री ने आगे कहा, नतीजतन, प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में विस्तृत संबोधन दिया और हमारे आग्रह पर लोकसभा में हुई चर्चा में भाग नहीं लिया। हमारे पास बहुमत था, इसलिए लोकसभा में ध्वनि मत से धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया।
राहुल गांधी को लेकर क्या कहा?
इससे पहले, हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान रिजिजू ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वे (राहुल गांधी) सुर्खियां बटोरने के लिए बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं। राहुल गांधी ने दावा किया था कि पीएम मोदी उनके हमले के कारण संसद छोड़कर भाग गए और उन्हें भी देश छोड़कर भागना पड़ेगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बहुत प्रगति की है। अब देश की जनता कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करेगी, जिसने 60 साल की सत्ता में देश को इतना कमजोर कर दिया था।
